Dvorak और Colemak: कौन-सा कीबोर्ड लेआउट चुनें?
दोनों लेआउट क्यों बने?
QWERTY के विकल्प के रूप में Dvorak और Colemak का लक्ष्य आम अक्षरों को उँगलियों की आसान पहुँच में रखना है। दोनों में अक्षरों की जगह अलग है, इसलिए पुराने लेआउट की आदत कुछ समय तक बाधा बन सकती है।
मुख्य अंतर
Dvorak सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले अक्षरों को बीच की पंक्ति के पास रखता है और अक्षरों के बीच हाथ बदलने पर ज़ोर देता है। Colemak QWERTY की कई कुंजियाँ यथावत रखता है, जिससे सीखने का बदलाव कुछ लोगों को आसान लगता है। वास्तविक लाभ आपकी भाषा, काम और अभ्यास पर निर्भर है।
क्या आपको बदलना चाहिए?
यदि आप लंबे समय तक रोज़ टाइप करते हैं और बदलाव के लिए कई सप्ताह दे सकते हैं, तो किसी विकल्प को आज़माना उपयोगी हो सकता है। गेमिंग, साझा कंप्यूटर, विशेष सॉफ़्टवेयर या दूसरे लोगों के कीबोर्ड इस्तेमाल करने पर QWERTY सरल रह सकता है। पहले एक लेआउट चुनकर नियमित अभ्यास करें; बार-बार बदलने से मांसपेशियों की याद नहीं बनती।